अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की विश्लेषणात्मक विधियाँ -antarrashtriya vyapar vidhiyan
कुछ अर्थशास्त्रीयों ने अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के सिद्धान्तों में कुछ विश्लेषणात्मक साधनों में परिवर्तन किया है। साधनों के नाम है 1) उत्पादन सम्भावना वक्र 2) समुदाय उदासीनता वक्र 3) व्यापार उदासीनता वक्र । विश्य के व्यापार के सिद्धांत सामान्य सन्तुलन का विश्लेषण करने के लिए इन साधनों का गहन रूप से प्रयोग किया जाता है।
उत्पादन सम्भावना वक्र - utpadan sambhavna vakra kya hai
उत्पादन संभावना वक्र क्या है चित्र द्वारा समझाइए
उत्पादन संभावना वक्र क्या है चित्र द्वारा समझाइए
उत्पादन सम्भावना वक्र हम लोगों को यह बताता है कि कोई देश किसी देश पर किस प्रकार अपने पास उपलब्ध प्रौद्योगिकी के साधनों का प्रयोग कुशलता पूर्वक करके दो वस्तुओंके कौन - कौन से विविध वैकल्पिक संयोगों का उत्पादन कर सकता है। उत्पानन सम्भावना वक्र अवसर लागतों के सिद्धांतों पर आधारित है। तथा एक वस्तु की उस मात्रा को मापन करता है जो एक देश को किसी दूसरी वस्तु की अतिरिक्त इकाई को पाने के लिए छोडनी पडती है।
वह वक्र एक सीधी रेखा या कि घुमावदार वक्र रेखा हो सकता है।
वक्र का ढलान अर्थव्यवस्था में कार्यशील लागत- स्थितियों पर निर्भर करता है। स्थिर अवसन लागत में उत्पादन की जो सम्भावना रेखा होती है वह सरल रेखा है। रेखाचित्र 1) उत्पादन की सम्भावना वक्र का मूल बिन्दू के प्रति नतोदार का होना बढ़ती अवसर लागतों को दिखाता है। रेखाचित्र 2) वक्र मूल बिन्दू का उन्नतोदर रेखाचित्र 3) में होना घटती हुई अवसर लागतेां को दिखाता है।
समुदाय उदासीनता वक्र - samuday udasinta vakra
Samuday udasinta vakra pdf
Samuday udasinta vakra
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Samuday udasinta vakra
समुदाय उदासीनता वक्र को दूसरे नाम से भी जाना जाता है वह नाम सामाजिक उदासीनता वक्र है। समुदाय उदासीनता वक्र जो है वह मॉंग पक्ष को व्यक्त करता है। समुदाय उदासीनता वक्र यह दो वस्तुओं के उन संयोगों को व्यक्त करता है जो समुदाय या समाज को समान रूप से सन्तुष्टि प्रदान करते है। देश के विविध व्यक्तियों की रूचियों को जोड़कर समुदाय उदासीनता वक्र द्वारा खीचे जा सकते है। व्यक्तिगत उदासीनता वक्रों तथा समुदाय उदासीनता वक्रों की विशिष्टताएँ समान रूप से होती है। यह समुदाय उदासीनता वक्र को निम्न रेखाचित्र द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
उपयोक्त रेखाचित्र में Cl1, Cl2 तथा Cl3 वक्रों द्वारा समुदाय उदासीनता वक्र को दिखाया गया है । Cl1 वक्र पर स्थित सभी बिन्दू (A,B) समान सन्तुष्टि प्रदान करते है। अधिक ऊँचे समुदाय उदासीनता वक्र, समुदाय को अधिक सन्तुष्टि प्रदान करते है। जैसे - बिन्दू A,B की Cl2 वक्र पर स्थित बिन्दु E समुदाय को अधिक सन्तुष्टि प्रदान करता है। इसी प्रकार से Cl3 पर स्थित बिन्दु F, Cl2 पर स्थित बिन्दू E की अपेक्षा अधिक सन्तुष्टि प्रदान करता है।
दुसरे शब्दों के अनुसार - इसे यह इस प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है कि समुदाय उदासीनता वक्र मूल बिन्दु से जितना अधिक दूर होगा वह उतनी ही अधिक उपयोगिता व्यक्त करेगा। और फिर यह समुदाय उदासीनता वक्र बाऍं से दाऍं को नीचे की ओर ढालू है तथा मूल बिन्दु पर निरपेक्ष ढलान उसकी स्थानापन्नता की सीमान्ता की सीमान्त दर होती है । यह अन्त में महत्वपूर्ण बात यह है कि समुदाय उदासीनता वक्र एक- दूसरे को न काटें।
व्यापार उदासीनता वक्र -vyapar udasinta vakra
Vyapar udasinta vakra pdf
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